तरुण विग, Innefu Labs के सह-संस्थापक हैं। वे भारत में साइबर सुरक्षा और AI आधारित सुरक्षा तकनीकों के क्षेत्र में काम करने वाले एक उद्यमी के रूप में पहचाने जाते हैं।
विभिन्न सार्वजनिक इंटरव्यू और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीमित पूंजी से शुरू हुई उनकी उद्यमिता यात्रा ने समय के साथ उल्लेखनीय व्यावसायिक विस्तार देखा है।
यह लेख एक भारतीय टेक उद्यमी की यात्रा को प्रस्तुत करता है, जिसे बिज़नेस, स्टार्टअप और तकनीक में रुचि रखने वाले पाठक एक केस स्टडी के रूप में देख सकते हैं।
तरुण विग कौन हैं?
तरुण विग एक भारतीय टेक उद्यमी और Innefu Labs के सह-संस्थापक हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी कंपनी सरकारी संस्थानों और संगठनों के लिए AI आधारित सुरक्षा और साइबर सुरक्षा समाधान विकसित करने पर काम करती है।
विभिन्न इंटरव्यू और सार्वजनिक बयानों में उन्होंने तकनीक को देश की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की बात कही है।
करियर की शुरुआत – पहला स्टार्टअप
2004: पाँच दोस्तों के साथ कंपनी की शुरुआत
- केवल ₹1,25,000 की पूंजी
- साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग और सर्विसेज़ से शुरुआत
- शुरुआती क्लाइंट्स में शामिल थे:
- Yatra
- Shaadi.com
- MakeMyTrip
- Naukri (ncry)
2007–08: पहली फंडिंग
- कंपनी को लगभग ₹20 करोड़ वैल्यूएशन पर फंडिंग मिली
- लेकिन तरुण ने महसूस किया कि उन्हें और बड़ा कुछ करना है
- उन्होंने अपना हिस्सा बेच दिया और नई दिशा खोजने लगे
एक घटना जिसने ज़िंदगी बदल दी
2008 में दिल्ली में बम धमाकों की घटना ने उनका दृष्टिकोण बदल दिया। उन्होंने निर्णय लिया कि:
“मैं देश छोड़कर नहीं जाऊँगा। देश के लिए तकनीक बनाऊँगा।”
इसी भावना से जन्म हुआ — Innefu Labs का।
Infu Labs की स्थापना (2010)
- शुरुआत सिर्फ 15 लोगों की टीम से
- मिशन:
- भारत के लिए एआई आधारित सुरक्षा समाधान बनाना
- दुनिया से महँगी सुरक्षा तकनीक के भारतीय विकल्प तैयार करना
- लोकेशन: तरुण के घर की ऊपरी मंज़िल
पहली बड़ी सफलता – 36 करोड़ का काम सिर्फ 2 करोड़ में
कंपनी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, एक सरकारी प्रोजेक्ट में अंतरराष्ट्रीय विकल्पों की तुलना में कम लागत पर समाधान विकसित किया गया, जिससे Innefu Labs को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
बड़ा झटका
जब उन्हें लगभग ₹45 करोड़ के ऑर्डर्स मिलने ही वाले थे, सरकारी गाइडलाइन के कारण पूरा बाजार बंद हो गया।
लेकिन टीम ने हिम्मत नहीं हारी—
उन्होंने अपनी तकनीक को बदलकर पूरी तरह नया उत्पाद लॉन्च किया:
Intelligence Fusion Center (IFC)
जिसे सार्वजनिक जानकारी के अनुसार कुछ सरकारी और सुरक्षा संगठनों द्वारा उपयोग में लिया गया है।
COVID-19 का संकट और पुनर्जीवन
- 2016–2020 तक कंपनी लाभ में थी
- COVID के दौरान सारा मुनाफ़ा कर्मचारियों की सैलरी में चला गया
- लेकिन संचालन जारी रखते हुए कंपनी ने बाद के वर्षों में व्यावसायिक स्थिरता दोबारा हासिल की
2020 से 2025 तक कंपनी का टर्नओवर हर वर्ष 1.5× की दर से बढ़ा।
आज की स्थिति 2025
- अनुमानित वैल्यूएशन: सार्वजनिक रिपोर्ट्स के अनुसार 1500 करोड़ रुपये से अधिक
- अनुमानित रेवेन्यू: मीडिया व उद्योग स्रोतों के आधार पर 100 करोड़ रुपये से ऊपर
- EBITDA मार्जिन: कंपनी द्वारा साझा की गई जानकारियों के अनुसार
- कर्मचारी संख्या: 270 से अधिक (अनुमानित)
- क्लाइंट प्रोफाइल: सरकारी और सुरक्षा से जुड़े संस्थान (सार्वजनिक जानकारी के अनुसार)
Innefu Labs को भारत में AI आधारित सुरक्षा तकनीकों पर काम करने वाली उभरती कंपनियों में गिना जाता है।
वित्तीय जानकारी नोट:
इस लेख में उल्लिखित वित्तीय आंकड़े सार्वजनिक इंटरव्यू, मीडिया रिपोर्ट्स और कंपनी द्वारा साझा की गई जानकारियों पर आधारित अनुमान हैं। इनमें समय के साथ परिवर्तन संभव है।
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Tarun Vig Quotes / Vision
“Don’t set your own limitations. जब तक आपको नहीं पता कि कुछ असंभव है—वह संभव है।”
“देश के लिए तकनीक बनाना सिर्फ काम नहीं, गर्व की बात है।”
मुख्य उपलब्धियाँ
- अनुमानित वैल्यूएशन: सार्वजनिक रिपोर्ट्स के अनुसार 1500 करोड़ रुपये से अधिक
- अनुमानित रेवेन्यू: मीडिया व उद्योग स्रोतों के अनुसार 100 करोड़ रुपये से ऊपर
- EBITDA मार्जिन: कंपनी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार
- कर्मचारी संख्या: 270 से अधिक (अनुमानित)
FAQs
Q1. Tarun Vig कौन हैं?
वे Innefu Labs के सह-संस्थापक हैं और AI व साइबर सुरक्षा तकनीकों के क्षेत्र में कार्यरत एक भारतीय उद्यमी हैं।
Q2. Infiu Labs किस प्रकार की कंपनी है?
यह AI-Driven National Security और Cyber Security Solutions बनाती है।
Q3. तरुण विग की नेट वर्थ क्या है?
मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक स्रोतों के अनुसार, कंपनी का मूल्यांकन 1500 करोड़ रुपये से अधिक बताया जाता है।
Q4. क्या तरुण विग ने विदेश में काम किया?
नहीं, उन्होंने देश के लिए काम करने का निर्णय लेकर भारत में ही कंपनी बनाई।
Q5. उनकी सबसे बड़ी प्रेरक सीख क्या है?
Persistence — “लगातार मेहनत करो, जीवन खुद रास्ता खोलेगा।”
निष्कर्ष
तरुण विग की उद्यमिता यात्रा यह दर्शाती है कि तकनीक, निरंतर प्रयास और स्पष्ट दृष्टिकोण के माध्यम से एक स्टार्टअप धीरे-धीरे स्थापित व्यवसाय का रूप ले सकता है।
₹1,25,000 की शुरुआती पूंजी से शुरू हुई यह उद्यमिता यात्रा आज भारत में सुरक्षा तकनीकों के क्षेत्र में सक्रिय एक कंपनी के रूप में देखी जाती है।



