भारतीय महिला क्रिकेट पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है और इस बदलाव में कुछ खिलाड़ियों ने अपनी निरंतरता और जज़्बे से खास पहचान बनाई है। इन्हीं में से एक नाम है—स्नेह राणा, एक ऐसी ऑलराउंडर जिसने शांत स्वभाव, फिटनेस और दमदार प्रदर्शन से टीम इंडिया में मजबूती से जगह बनाई है।
देहरादून की खिलाड़ी, जिसने कठिनाइयों को बनाया ताकत
18 फरवरी 1994 को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जन्मीं स्नेह राणा आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अहम सदस्य हैं।
2025 तक उनकी उम्र 31 वर्ष हो चुकी है, लेकिन खेल के मैदान पर उनका जोश किसी नए खिलाड़ी जैसा ही है।
स्नेह के पिता नरेश राणा, जो एक सरकारी शिक्षक थे, हमेशा चाहते थे कि उनकी बेटी बड़े स्तर पर क्रिकेट खेले।
2021 में पिता के निधन ने स्नेह को भीतर से झकझोर दिया, लेकिन उन्होंने अपने दर्द को ही अपनी ताकत बनाते हुए मैदान पर शानदार वापसी की। यह वही दौर था जिसने दुनिया को दिखाया कि असली खिलाड़ी वही है जो मुश्किलों से लड़कर खड़ा रहता है।
साधारण परिवार से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर
स्नेह का जन्म एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। सीमित संसाधनों के बीच भी उन्होंने अपना सपना कभी नहीं छोड़ा।
उनके भाई विक्रम राणा लगातार उनके साथ खड़े रहे और हमेशा उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहे।
क्रिकेट के साथ-साथ स्नेह ने अपनी शिक्षा पर भी ध्यान दिया और बी.कॉम की पढ़ाई पूरी की, लेकिन दिल हमेशा क्रिकेट के मैदान में ही लगा रहा।
स्थानीय क्लब से रेलवे तक—करियर की मजबूत नींव
बहुत कम उम्र में स्नेह ने स्थानीय क्लब में क्रिकेट खेलना शुरू किया।
उनकी ऑफ-स्पिन बॉलिंग ने जल्दी ही कोचों का ध्यान खींचा और उन्हें उत्तराखंड की जूनियर टीम में जगह मिली।
इसके बाद उनका चयन हुआ रेलवे महिला टीम में—एक ऐसा प्लेटफॉर्म जिसने कई बड़े खिलाड़ियों का करियर बनाया।
रेलवे टीम में खेलते हुए स्नेह को मिथाली राज, हरमनप्रीत कौर, झूलन गोस्वामी जैसी अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला, जिसने उनके खेल को और निखारा।
2014 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत
स्नेह राणा ने 2014 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे और टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया।
उनकी गेंदबाजी ने टीम मैनेजमेंट को प्रभावित किया, जबकि बल्लेबाजी ने उन्हें एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया।
2021 इंग्लैंड टेस्ट—एक ऐतिहासिक वापसी
इंटरनेशनल डेब्यू के कुछ वर्षों बाद चोटों और चयन की समस्याओं के चलते स्नेह टीम से बाहर रहीं।
लगभग चार साल बाद, 2021 में उन्होंने टीम इंडिया में शानदार वापसी की।
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में स्नेह राणा ने:
- 80* रन की नाबाद पारी खेली
- 4 विकेट चटकाए
उन्होंने भारत को हार से बचाया, और इस प्रदर्शन को महिला क्रिकेट के इतिहास में “क्लासिक ऑलराउंड शो” माना जाता है।
WPL में चमक—Gujarat Giants की भरोसेमंद खिलाड़ी
Women’s Premier League (WPL) में स्नेह राणा Gujarat Giants टीम की ओर से खेलती हैं।
कुछ मौकों पर उन्होंने टीम की नेतृत्व जिम्मेदारी भी निभाई है और दबाव की स्थिति में टीम को सही दिशा दी है। उनकी शांत सोच और सटीक फैसले उन्हें टूर्नामेंट की महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल करते हैं।
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फिटनेस—उनकी सबसे बड़ी ताकत
स्नेह राणा हमेशा कहती हैं—
“क्रिकेट में टैलेंट के साथ फिटनेस होना सबसे जरूरी है।”
उनकी फिटनेस रूटीन:
- योग
- कार्डियो
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
- नेट प्रैक्टिस
उनकी लंबाई 5 फीट 5 इंच और वजन लगभग 55 किलो है, जो उन्हें फुर्तीला और संतुलित बनाता है।
निजी जीवन—फोकस सिर्फ क्रिकेट पर
स्नेह राणा फिलहाल अविवाहित हैं और अपना 100% ध्यान खेल पर ही केंद्रित रखती हैं।
वह निजी जीवन को हमेशा मीडिया की नज़रों से दूर रखती हैं।
कमाई एवं नेटवर्थ
BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के तहत उनकी आय चयन और मैचों के आधार पर तय होती है।
मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारियों के अनुसार उनकी अनुमानित नेटवर्थ ₹3–4 करोड़ के आसपास है, जो समय के साथ बदल सकती है।
सोशल मीडिया पर सक्रिय
Instagram पर उनका आधिकारिक अकाउंट है: @sneh_rana94
यहाँ वह ट्रेनिंग, मैच अपडेट और टीम ट्रैवल की झलकियाँ साझा करती हैं।
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निष्कर्ष
स्नेह राणा की कहानी भारतीय महिला क्रिकेट का एक प्रेरक अध्याय है।
एक छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक की यात्रा आसान नहीं थी, लेकिन स्नेह ने हर चुनौती को अवसर में बदला।
उनका सफर उन तमाम युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो सपनों को सच्चाई में बदलने का हौसला रखते हैं।
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