शुभांकर मिश्रा कौन हैं? पूरा जीवन परिचय हिंदी में

आज के समय में मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता दोनों तेजी से विकसित हो रहे हैं। इस बदलाव के दौर में कुछ पत्रकारों ने अपने काम, अनुभव और जनता से संवाद के माध्यम से अलग पहचान बनाई है। शुभांकर मिश्रा ऐसे ही पत्रकारों में गिने जाते हैं।

शुभांकर मिश्रा की यह कहानी एक छोटे शहर से निकलकर देश के बड़े मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंचने की है, जहाँ उन्होंने अपने अनुभव, मेहनत और पेशेवर योग्यता के बल पर आगे बढ़ने का रास्ता बनाया।

शुभांकर मिश्रा कौन हैं?

शुभांकर मिश्रा एक भारतीय पत्रकार, न्यूज़ एंकर, डिजिटल मीडिया क्रिएटर और पॉडकास्टर हैं। वे अपने बेबाक सवालों, साफ़ भाषा और आम जनता के मुद्दों पर केंद्रित पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने टीवी न्यूज़ के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी एक मजबूत और भरोसेमंद पहचान बनाई है।

वे उन पत्रकारों में शामिल हैं जो मानते हैं कि पत्रकारिता का उद्देश्य सत्ता का समर्थन या विरोध नहीं, बल्कि सवाल पूछना और जवाब मांगना होना चाहिए।

प्रारंभिक जीवन: गोंडा से सपनों की उड़ान

शुभांकर मिश्रा का जन्म उत्तर प्रदेश के गोंडा ज़िले में एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। गोंडा जैसे छोटे शहर में संसाधन सीमित होते हैं, लेकिन सपने सीमित नहीं होते। शुभंकर का बचपन भी आम बच्चों की तरह ही बीता, लेकिन उनमें एक खास बात थी—वे चीज़ों को गहराई से समझने की कोशिश करते थे।

उनके परिवार में शिक्षा को महत्व दिया जाता था। माता-पिता चाहते थे कि वे पढ़-लिखकर एक सुरक्षित और सम्मानजनक पेशा चुनें। यही वजह थी कि शुभंकर से भी उम्मीद की जा रही थी कि वे इंजीनियर बनें।

शिक्षा: इंजीनियरिंग से पत्रकारिता तक का सफर

शुभांकर मिश्रा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश से की। इसके बाद उन्होंने बीटेक (इंजीनियरिंग) में दाखिला लिया। इंजीनियरिंग पढ़ते समय ही उन्हें यह महसूस होने लगा कि यह क्षेत्र उनकी रुचि का नहीं है।

इसी दौरान उन्होंने फिल्म “3 इडियट्स” देखी, जिसने उनके सोचने का नज़रिया बदल दिया। फिल्म का संदेश—अपना पैशन चुनो—उनके दिल में गहराई तक उतर गया।

हालांकि, इंजीनियरिंग छोड़ने का फैसला आसान नहीं था। परिवार की अपेक्षाएं, समाज का दबाव और भविष्य की अनिश्चितता—सब कुछ उनके सामने था। लेकिन उन्होंने हिम्मत दिखाई और इंजीनियरिंग के बाद जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन को अपना करियर चुना। यह फैसला उनकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

यह जानकारी उनके सार्वजनिक इंटरव्यू और मीडिया में साझा अनुभवों पर आधारित है।

पत्रकारिता करियर की शुरुआत: सीख, अनुभव और शुरुआती संघर्ष

शुभांकर मिश्रा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत India News चैनल से की। शुरुआती दौर में उन्होंने प्रशिक्षण और सीखने पर अधिक ध्यान दिया, जहां आर्थिक लाभ सीमित था। वे ट्रेनी एंकर थे और शुरुआती दौर में उन्हें कई व्यावसायिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

लेकिन शुभंकर ने इसे कभी अपमान नहीं माना। वे मानते थे कि:

“अगर शुरुआत में सीख मिल रही है, तो पैसा बाद में भी आ सकता है।”

इसी सोच के साथ उन्होंने रिपोर्टिंग, स्क्रिप्टिंग, एंकरिंग और न्यूज़रूम की बारीकियों को सीखा।

अलग-अलग चैनलों का अनुभव

उन्होंने अलग-अलग समाचार संगठनों और मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम करते हुए अनुभव हासिल किया।

  • Zee Media
  • TV9 भारतवर्ष
  • Aaj Tak

हर चैनल ने उन्हें कुछ नया सिखाया। कहीं उन्हें मौके कम मिले, कहीं पहचान नहीं मिली, लेकिन उन्होंने कभी शिकायत नहीं की। वे मानते थे कि हर अनुभव उन्हें बेहतर पत्रकार बना रहा है

आज तक: राष्ट्रीय पहचान का दौर

आज तक चैनल से जुड़ने के बाद शुभंकर मिश्रा को असली पहचान मिली। यहां उन्हें एक ऐसा प्लेटफॉर्म मिला जहां वे देशभर के दर्शकों तक पहुंचे।

आज तक पर उन्होंने:

  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • डिबेट
  • ग्राउंड रिपोर्ट
  • विशेष कार्यक्रम

किए और एक आत्मविश्वासी, तथ्यों पर आधारित एंकर के रूप में पहचान बनाई।

डिजिटल मीडिया की ओर रुख

टीवी पर सफलता के बावजूद शुभंकर मिश्रा ने महसूस किया कि डिजिटल मीडिया भविष्य है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पत्रकार सीधे जनता से जुड़ सकता है, बिना किसी टाइम स्लॉट या सीमाओं के।

उन्होंने निम्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट बनाना शुरू किया:

  • YouTube
  • Instagram
  • Facebook

उनके डिजिटल कंटेंट में शामिल थे:

  • Explainer Videos
  • ज़मीनी मुद्दों पर रिपोर्ट
  • मोटिवेशनल वीडियो
  • Podcasts

“पीली कुर्सी” पॉडकास्ट: एक ब्रांड

शुभांकर मिश्रा का “पीली कुर्सी पॉडकास्ट” डिजिटल पत्रकारिता में एक पहचान बन गया। इस पॉडकास्ट में वे नेताओं, कलाकारों, खिलाड़ियों और सामाजिक व्यक्तित्वों से आम जनता के सवाल पूछते हैं।

इस पॉडकास्ट की खास बात यह है कि:

  • सवाल जनता से लिए जाते हैं
  • बातचीत गहरी होती है
  • दिखावा नहीं, संवाद होता है

आज तक छोड़ने का फैसला: करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़

2023 में शुभांकर मिश्रा ने आज तक छोड़ने का फैसला लिया। यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम था। लोग कह रहे थे कि:

  • “इतना बड़ा चैनल छोड़कर गलती कर रहे हो”
  • “अब टीवी पर वापसी मुश्किल होगी”

यहां तक कि उनके परिवार को भी चिंता थी। लेकिन शुभंकर को अपने काम और जनता के भरोसे पर विश्वास था।

स्वतंत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्थापना

आज तक छोड़ने के बाद शुभंकर मिश्रा ने अपना स्वतंत्र डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म शुरू किया। शुरुआत में संसाधन कम थे, टीम छोटी थी, लेकिन विज़न बड़ा था।

कुछ ही समय में:

  • लाखों सब्सक्राइबर
  • मिलियन्स व्यूज़
  • देशभर में पहचान

मिलने लगी।

NDTV में वापसी: नई भूमिका, नई सोच

2025 में NDTV से सलाहकार संपादक के रूप में जुड़ने की जानकारी सार्वजनिक स्रोतों में सामने आई।

उन्होंने साफ कहा कि वे:

“डिजिटल छोड़कर टीवी नहीं जा रहे, बल्कि टीवी को डिजिटल की आत्मा से जोड़ रहे हैं।”

  • आम जनता के मुद्दों पर आधारित
  • ज़मीनी पत्रकारिता पर केंद्रित
  • निष्पक्ष और सवालों से भरा

NDTV पर उनकी भूमिका और कार्यक्रम डिजिटल व टीवी दोनों माध्यमों से जुड़ी बताई जाती है।

निजी जीवन

शुभांकर मिश्रा अपने निजी जीवन को लाइमलाइट से दूर रखते हैं।

  • वैवाहिक स्थिति: अविवाहित
  • परिवार: माता-पिता और एक भाई
  • उनके जीवन में कुछ व्यक्तिगत घटनाएं रही हैं, जिनका उल्लेख उन्होंने स्वयं सीमित रूप में सार्वजनिक रूप से किया है।

वे अपनी माँ के बेहद करीब हैं।

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पत्रकारिता को लेकर उनके विचार

शुभांकर मिश्रा मानते हैं:

  • पत्रकारिता में पक्ष नहीं, प्रश्न ज़रूरी हैं
  • नीतियों की आलोचना होनी चाहिए, व्यक्तियों की नहीं
  • सवाल पूछना देशद्रोह नहीं, लोकतंत्र की ताकत है

उनका विश्वास है कि:

“जब जनता सवाल पूछने लगे, तब लोकतंत्र मजबूत होता है।”

युवाओं के लिए प्रेरणा

शुभांकर मिश्रा की कहानी खासकर उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है जो:

  • छोटे शहरों से आते हैं
  • संसाधनों की कमी से जूझते हैं
  • मीडिया में करियर बनाना चाहते हैं

उन्होंने साबित किया कि ईमानदारी और मेहनत आज भी काम करती है

निष्कर्ष

शुभांकर मिश्रा की जीवनी सिर्फ एक पत्रकार की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस सोच की कहानी है जो कहती है कि अगर नीयत साफ़ हो, तो रास्ते अपने आप बनते हैं।

वे आज भी जनता की भाषा में, जनता के लिए और जनता के साथ पत्रकारिता कर रहे हैं—और यही उन्हें अलग बनाता है।

शुभांकर मिश्रा के बारे में अधिक जानकारी Wikitia पर देखें

स्रोत और पारदर्शिता नोट:
यह लेख सार्वजनिक इंटरव्यू, मीडिया रिपोर्ट्स और खुले डिजिटल स्रोतों पर आधारित एक प्रोफाइल है। इसमें दी गई जानकारी समय के साथ बदल सकती है।
डिस्क्लेमर:
इस लेख का उद्देश्य किसी संस्था, व्यक्ति या विचारधारा का समर्थन या विरोध नहीं, बल्कि केवल जानकारी प्रस्तुत करना है।

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Chandan Sah
Chandan Sah

हिंदी सावेरा के फाउंडर और बायोग्राफी कंटेंट राइटर हैं।
वे विभिन्न व्यक्तित्वों की जीवनियों को शोध करके सरल और सटीक रूप में आप लोगों तक पहुँचाते हैं।

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