Ravi Gupta Biography in Hindi | उम्र, शिक्षा, नेटवर्थ, परिवार, करियर व स्टैंड-अप जर्नी

रवि गुप्ता एक भारतीय स्टैंड-अप कॉमेडियन और कंटेंट क्रिएटर हैं, जो अपनी देसी भाषा और रोज़मर्रा के अनुभवों पर आधारित कॉमेडी प्रस्तुत करते हैं। उनकी प्रस्तुति शैली सरल, स्थानीय संदर्भों से जुड़ी और आम दर्शकों के अनुभवों पर आधारित रहती है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए उनके कुछ वीडियो और संवाद दर्शकों के बीच व्यापक रूप से साझा किए गए, जिससे उन्हें पहचान मिली।

यह लेख रवि गुप्ता के जीवन और करियर से जुड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों को प्रस्तुत करता है, जिसे स्टैंड-अप कॉमेडी और कंटेंट क्रिएशन में रुचि रखने वाले पाठक एक सामान्य प्रोफाइल के रूप में देख सकते हैं।

रवि गुप्ता संक्षिप्त परिचय

श्रेणीजानकारी
पूरा नामरवि गुप्ता
पेशास्टैंड-अप कॉमेडियन, कंटेंट क्रिएटर
जन्म वर्ष1994
जन्म स्थानसांगीपुर गाँव, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश
उम्र33 वर्ष
राष्ट्रीयताभारतीय
शिक्षाग्रेजुएशन – BHU, वाराणसी
पहला करियरकार्टूनिस्ट (Children’s Book Illustrator)
स्टैंड-अप की शुरुआतओपन माइक, दिल्ली
ब्रेकथ्रू वीडियोTour & Guide, Kal Ki Chinta
आँखों का रंगडार्क ब्राउन
बालों का रंगकाला
वैवाहिक स्थितिविवाहित

प्रारंभिक जीवन – गांव से दिल्ली तक की यात्रा

रवि गुप्ता का जन्म उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के छोटे से गांव सांगीपुर में हुआ। वे एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। बचपन से ही उनका झुकाव स्टेज, कला और ड्राइंग की ओर था। स्कूल में वे नाटक लिखते, अभिनय करते और मंच संचालन करते थे।

उनके स्कूल में आर्ट्स उपलब्ध न होने के कारण उन्हें मजबूरी में साइंस स्ट्रीम लेनी पड़ी, लेकिन प्रिंसिपल ने उनकी मंचीय प्रतिभा को पहचाना और हमेशा प्रोत्साहित किया। यहीं से स्टैंड-अप कॉमेडी की शुरुआत का बीज पड़ा।

BHU में मिला बड़ा एक्सपोज़र

12वीं के बाद वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) पहुँचे। गांव से आए छात्र के लिए यह एक नई दुनिया थी।
यहीं उन्होंने समझा कि—
👉 उनका असली टैलेंट किताबों में कम, क्रिएटिविटी और परफॉर्मेंस में ज्यादा है।

तीसरे साल तक आते-आते उन्हें लगा कि पारंपरिक शिक्षा से ज्यादा उनकी रुचि कला की ओर है।

दिल्ली में नौकरी और भीतर की बेचैनी

ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद रवि दिल्ली आए और एक चिल्ड्रन बुक पब्लिकेशन में कार्टूनिस्ट के रूप में काम करने लगे। दिन-भर एक जैसे चित्र बनाते-बनाते उन्हें महसूस हुआ कि यह वह जिंदगी नहीं है जो वे वास्तव में जीना चाहते हैं। स्टेज का आकर्षण, तालियों की तड़प और कला के प्रति जुनून ने उन्हें भीतर से बेचैन रखा।

इसी दौरान वे इरफान खान, थिएटर आर्टिस्ट्स और साहित्यकारों के इंटरव्यू सुनते रहे—इनसे उन्हें कला के उद्देश्य और गहराई को समझने में मदद मिली।

स्टैंड-अप कॉमेडी की ओर पहला कदम

एक दिन उन्होंने YouTube पर स्टैंड-अप वीडियो देखे, जहाँ कॉमेडियन रोज़मर्रा की बातें मजेदार ढंग से पेश कर रहे थे। यह शैली उन्हें अपनी ज़िंदगी से जुड़ी हुई लगी। उन्होंने जाकिर खान को मैसेज भेजा और जवाब मिला —
“ओपन माइक करो।”
बस यही बात उनकी दिशा तय कर गई।

पहले ओपन माइक में उन्हें 5 मिनट मिले, पर नर्वस होकर 2 मिनट में माइक छोड़ दिया।
यही उनके लिए पहला और सबसे बड़ा सीखने वाला अनुभव रहा।

दिन में नौकरी, रात में स्टैंड-अप

रवि दिन में नौकरी करते और रात में बार-कैफ़े में ओपन माइक परफॉर्म करते। धीरे-धीरे उनकी राइटिंग और टाइमिंग दोनों बेहतर होती गईं। लोग उन्हें नोटिस करने लगे और उनकी छोटी-छोटी परफ़ॉर्मेंस को सराहने लगे।

नौकरी छूटना और आर्थिक मुश्किलें

जैसे ही उन्होंने परिवार को दिल्ली बुलाया, कुछ ही समय बाद कंपनी में मास फायरिंग हुई और उनकी नौकरी चली गई, यह उनकी जिंदगी का सबसे कठिन समय था।

फिर भी उन्होंने तय किया—
👉 अब नौकरी नहीं, सिर्फ स्टैंड-अप।

YouTube की शुरुआत और पहला viral मोमेंट

पहला YouTube वीडियो फ्लॉप गया।
दूसरा वीडियो “sex” शब्द की वजह से वायरल हुआ, हालांकि वह सही ऑडियंस तक नहीं पहुंचा।

लेकिन इससे चैनल उठ गया और उन्हें कॉरपोरेट शोज़ व छोटे इवेंट्स मिलने लगे।

उनका पान वाला जोक — “रसगुल्ला डाल दूँ क्या?” TikTok पर जोरदार वायरल हुआ और दर्शकों में उनकी पहचान मजबूत हुई।

COVID ने सब रोक दिया – पर जुनून नहीं

COVID लॉकडाउन में सभी शो रुक गए।
सेविंग खत्म होने लगी और दोबारा नौकरी करने की सोच बन गई।

फिर भी रवि कहते रहे—
“आज कितना भी बुरा हो, कल बेहतर होगा।”

यही सोच उन्हें आगे बढ़ाती रही।

‘कल की चिंता’ – जिसने जिंदगी बदल दी

कोविड के बाद उन्होंने दो रिकॉर्डेड वीडियो YouTube पर डाले—

  1. Tour & Guide
  2. Kal Ki Chinta

“कल की चिंता” वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक रूप से देखा और साझा किया गया। इस वीडियो के संवादों का उपयोग कई यूज़र्स ने रील्स और शॉर्ट क्लिप्स में किया, जिससे रवि गुप्ता की ऑनलाइन पहचान में वृद्धि देखी गई। इसके बाद उनके लाइव शोज़ में दर्शकों की संख्या भी बढ़ने लगी।

दिल्ली में आयोजित उनके शुरुआती लाइव शो में दर्शकों की अच्छी उपस्थिति देखने को मिली। यह संकेत था कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर मिली पहचान अब धीरे-धीरे ऑफलाइन दर्शकों तक भी पहुँचने लगी है।

उनकी कॉमेडी शैली की पहचान सरल भाषा, छोटे शहरों के सामाजिक अनुभव, पारिवारिक संदर्भ और रोज़मर्रा की स्थितियों पर आधारित हास्य से होती है। यह शैली कई दर्शकों को सहज और परिचित लगती है, जिसके कारण उनका कंटेंट व्यापक वर्ग तक पहुँच पाया है

वे कहते हैं—
👉 “मेरी भाषा ही मेरी ताकत बनी।”

फैन बेस और लोकप्रियता

उनका कंटेंट सामान्य जीवन की परिस्थितियों और सामाजिक अनुभवों पर आधारित होता है, जिससे कई दर्शक उसे सहज रूप से समझ पाते हैं और उससे जुड़ाव महसूस करते हैं।

रवि गुप्ता का KBC और Bigg Boss में उपस्थिति

2025 में रवि गुप्ता टेलीविज़न शो कौन बनेगा करोड़पति में अतिथि के रूप में दिखाई दिए। शो के दौरान उन्होंने अपनी स्टैंड-अप पृष्ठभूमि और व्यक्तिगत अनुभवों से जुड़े किस्से साझा किए, जिन्हें दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। यह उपस्थिति उनके करियर में एक उल्लेखनीय मीडिया एक्सपोज़र के रूप में देखी गई।

KBC में रवि गुप्ता – 2025

2025 में रवि गुप्ता कौन बनेगा करोड़पति में बतौर गेस्ट बुलाए गए। शो पर उनका अंदाज़ बिल्कुल वही था—सीधा, साधा और दिल से।

कार्यक्रम के दौरान रवि गुप्ता ने अपनी स्टैंड-अप पृष्ठभूमि से जुड़े अनुभव साझा किए, जिन्हें दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। यह उपस्थिति उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मीडिया एक्सपोज़र के रूप में देखी गई।

Bigg Boss में रवि की एंट्री – 2025

इसी वर्ष 2025 में रवि गुप्ता एक अन्य टेलीविज़न शो Bigg Boss में भी अतिथि के रूप में नज़र आए। शो के दौरान उन्होंने अपनी सामान्य कॉमेडी शैली और बातचीत के अंदाज़ में सहभागिता की, जिसे दर्शकों और प्रतिभागियों द्वारा सहज रूप में लिया गया।

घर के कंटेस्टेंट भी उनकी बातों और मज़ाक से तुरंत जुड़ गए। शो के दौरान उन्होंने अपनी सामान्य बातचीत शैली और हास्यपूर्ण अंदाज़ में सहभागिता की, जिसे दर्शकों और प्रतिभागियों ने सहज रूप में लिया।

ये दोनों शोज़ क्यों खास हैं?

इन दोनों बड़े शोज़ में दिखना सिर्फ टीवी अपीयरेंस नहीं था –

इन टेलीविज़न कार्यक्रमों में उपस्थिति ने रवि गुप्ता को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ पारंपरिक मीडिया दर्शकों तक पहुँचने का अवसर दिया। इससे उनके करियर में दृश्यता (visibility) बढ़ी और उन्हें नए दर्शक वर्ग से जुड़ने का माध्यम मिला।

2025 का वर्ष उनके करियर के लिए एक ऐसा चरण रहा, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ टेलीविज़न के माध्यम से भी उनकी दृश्यता बढ़ी और उन्हें व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुँचने का अवसर मिला।

रवि गुप्ता की कमाई और मुख्य स्रोत

रवि गुप्ता की आय या कुल संपत्ति से संबंधित कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इंटरनेट पर मौजूद विभिन्न अनुमानों और रिपोर्ट्स के आधार पर, 2025 में उनकी अनुमानित नेटवर्थ लगभग ₹70 लाख से ₹1.5 करोड़ के बीच बताई जाती है। ये आंकड़े केवल अनुमान हैं और समय के साथ इनमें परिवर्तन संभव है।

श्रेणीराशि
Net Worth₹70,00,000 – ₹1,50,00,000
Monthly Income (Approx.)₹2 लाख – ₹6 लाख (शोज, यूट्यूब, ब्रांड डील्स सहित)
Yearly Income (Approx.)₹25 लाख – ₹60 लाख
Income SourceLive Stand-up Shows, Corporate Events, YouTube Ads, Reels/Shorts Revenue, Brand Promotions

1. Live Shows & Tours

  • उनकी सबसे बड़ी कमाई लाइव स्टैंड-अप शोज़ से होती है।
  • कॉरपोरेट शो की फीस सामान्य शो से अधिक होती है।

2. YouTube Earnings

  • उनके चैनल पर लाखों व्यूज़ आते हैं।
  • विज्ञापन (Ad Revenue) + Sponsorship + Shorts Revenue मिलकर अच्छा इनकम स्रोत बनाता है।

3. Brand Collaborations

  • सोशल मीडिया पर बढ़ती लोकप्रियता के कारण वे छोटी-बड़ी ब्रांड्स के साथ प्रमोशन करते हैं।

4. टिकट सेल्स (Own Shows)

  • “कल की चिंता” व अन्य कंटेंट वायरल होने के बाद उनके नाम पर लाइव शोज़ के लिए दर्शकों की रुचि बढ़ने लगी।

Important Note

रवि गुप्ता की असली नेटवर्थ सार्वजनिक नहीं है।
ऊपर दिए गए आंकड़े इंटरनेट स्रोतों और संभावित कमाई मॉडल पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें अनुमान समझा जाना चाहिए, न कि आधिकारिक आंकड़े।

यह भी पढ़े: समय रैना की जीवनी

निष्कर्ष

रवि गुप्ता की यात्रा व्यक्तिगत अनुभवों और निरंतर प्रयास के माध्यम से विकसित हुए एक कलाकार की कहानी को दर्शाती है।
उन्होंने साबित किया कि—

  • अगर कला दिल से निकलती है
  • मेहनत लगातार की जाती है
  • और धैर्य रखा जाता है

रवि गुप्ता की यात्रा यह दर्शाती है कि निरंतर अभ्यास, अनुभव और समय के साथ विकसित हुई प्रस्तुति शैली किसी कलाकार को अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर दे सकती है।

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Chandan Sah
Chandan Sah

हिंदी सावेरा के फाउंडर और बायोग्राफी कंटेंट राइटर हैं।
वे विभिन्न व्यक्तित्वों की जीवनियों को शोध करके सरल और सटीक रूप में आप लोगों तक पहुँचाते हैं।

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